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तारा शाहदेव लव जिहाद मामले में आरोप तय होने में 5 साल लग गए

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रकीबुल हसन ने की थी रंजीत कुमार बन कर शादी, 2014 में दर्ज हुआ था मामला

रांची

तारा शाहदेव के मामले में सीबीआइ के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुडिय़ा की अदालत में शुक्रवार को आरोप का गठन किया गया। जिन पर आरोप का गठन हुआ है, उनमें रंजीत कोहली की मां कौसर उर्फ कौशल रानी, बिहार के गया सिविल कोर्ट के तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी राजेश प्रसाद, राज्य के सिविल कोर्ट के सेवानिवृत्त जज पंकज श्रीवास्तव शामिल हैं। शुक्रवार को इन सभी लोगों को इन पर लगे आरोप पढ़कर सुनाए गए जिससे कि इन सभी ने इंकार कर दिया।

लव जिहाद का यह हाई प्रोफाइल केस 2014 में सामने आया था जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाजी तारा शाहदेव ने अपने पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रकीबुल हसन नामक आदमी ने उनसे रंजीत कोहली बनकर शादी की है। इस मामले में झारखंड सरकार के तत्कालीन मंत्री सहित कई नेताओं नौकरशाहों और यहां तक कि न्यायाधीशों के नाम भी सामने आए थे। 2015 में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

इस केस का दुखद पहलू यह है कि 2014 से लेकर अब तक इस मामले में केवल इतनी प्रगति हुई है कि आरोपियों पर आरोप ही तय हो पाए हैं। इस हिसाब से अभी नतीजे तक पहुंचने में और भी समय लगने की संभावना है। इस तरह से तारा शाहदेव को धर्म परिवर्तन ना करते हुए अपने खिलाफ हुए अन्याय की लड़ाई लड़ने में लंबा समय लगेगा।

आरोपियों की तरफ से इस बार भी आरोप तय होने की प्रक्रिया को रोकने की पूरी कोशिश की गई थी मामले में एक अन्य आरोपी आरक्षक अजय कुमार की ओर से कोर्ट में तर्क दिया गया था कि इस मामले में हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन फाइल किया गया है इसके चलते इसकी सुनवाई रोक दी जाए। लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए अजय कुमार की फाइल अलग कर और शेष पांच आरोपियों पर आरोप तय कर दिए।

अवैध हथियारों से गोली चलाने की शिकायत भी

इस मामले में मार्च 2019 में समीर कुमार सिन्हा नामक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि राज्य के चर्चित तारा शाहदेव-रंजीत सिंह कोहली प्रकरण के बाद हर स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ था। इस मामले का भी खुलासा हुआ था कि रकीबुल उर्फ रंजीत सिंह कोहली, झारखंड उच्च न्यायालय के निलंबित रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद व डीएसपी सुरजीत आदि ने मिलकर पांच लाइसेंसी व आठ अत्याधुनिक अवैध हथियारों के साथ फायरिंग करते नजर आए। इस मामले में सीआईडी जांच आदेशित की गई थी जिसमें यह आरोप सही पाए गए थे। लेकिन इसके बाद भी अब तक इस एफ आई आर दर्ज नहीं हुई है । रकीबुल हसन पर सेक्स रैकेट चलाने का भी आरोप लगाया गया था।

तारा का हौसला नहीं टूटा

5 साल से इस लड़ाई को लड़ रही तारा शाहदेव का हौसला बुलंद है। उन्होंने अब तक निराशा को हावी नहीं होने दिया है। इस धोखे के बाद उन्होंने अपना ध्यान फिर से निशानेबाजी पर लगाया है।  2017 में डी लाइसेंस कोचिंग कोर्स पूरा किया। अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन द्वारा 2007 के बाद भारत में यह परीक्षा हुई, जिसमें 35 प्रतिभागी शामिल हुए थे। 20 इसमें सफल हुए थे। तारा इस परीक्षा में सफल होनेवाली झारखंड की एकमात्र प्रतिभागी हैं। 

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