14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिंदी भारत की राजभाषा होगी। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर 1953 से 14 सितंबर का दिन ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा। जानिए हमारी राष्ट्रभाषा के बारे में कुछ तथ्य


-1805 में लल्लूलाल की लिखी ‘प्रेम सागर’ को हिंदी की पहली किताब माना जाता है। इसका प्रकाशन फोर्ट विलियम, कोलकाता ने किया था।
-1900 में ‘सरस्वती’ में प्रकाशित किशोरीलाल गोस्वामी की कहानी ‘इंदुमती’ को पहली हिंदी कहानी माना जाता है।
-1977 में पहली बार तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने यूएन महासभा को हिंदी में संबोधित किया था।
s1997 में एक सर्वेक्षण में पाया गया भारत में 66 प्रतिशत लोग हिंदी बोलते हैं, जबकि 77 प्रतिशत इसे समझ लेते हैं।
-2016 में डिजिटल माध्यम पर हिंदी में समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी, जो 2021 में बढ़कर 14.4 करोड़ होने का अनुमान है।
-दक्षिण प्रशांत महासागर क्षेत्र में फिजी नाम का एक द्वीप देश है, जहां हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है।
-भारत के अलावा मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और नेपाल में भी हिंदी बोली जाती है।
-हिंदी दुनिया के 30 से अधिक देशों में पढ़ी-पढ़ाई जाती है। लगभग 100 विश्वविद्यालयों में उसके लिए अध्यापन केंद्र हैं।
-हिंदी को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए 1975 से ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ का आयोजन शुरू किया गया।

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