नई दिल्ली

सीए के स्टूडेंट्स सोमवार से इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। इन स्टूडेंट्स की मांग है कि सीए की परीक्षा में रिवैल्युएशन का सिस्टम शुरू किया जाए। फिलहाल सीए की एग्जाम में रिटोटलिंग का विकल्प उपलब्ध है लेकिन इसमें यदि कोई प्रश्न ऐसा रह गया है जिसमें अंक नहीं दिए गए हैं, तो उसमें सुधार नहीं हो पाता है। सीए स्टूडेंट्स के इस धरने को कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट भी समर्थन कर रहे हैं यह वह चार्टर्ड अकाउंटेंट है जो कि सीए की कोचिंग क्लास चलाते हैं। 

ऐसा पहली बार नहीं है जब सीए इंस्टिट्यूट के वैल्यूएशन सिस्टम के ऊपर सवाल उठे हैं। लेकिन यह पहली बार है कि सीए स्टूडेंट्स परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर सीए ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे हैं। यह धरना केवल दिल्ली में ही नहीं चल रहा है बल्कि सिलीगुड़ी, दुर्गापुर, भीलवाड़ा, हैदराबाद और जयपुर कार्यालयों के बाहर सीए स्टूडेंट्स धरना दे रहे हैं। इन स्टूडेंट्स की मांग है कि सीए रेगुलेशन एक्ट 1941 के सेक्शन 39(4) में संशोधन किया जाना चाहिए और इसमें रिवैल्युएशन की व्यवस्था की जानी चाहिए। 

पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई थी जबकि सीए एजुकेटर नीरज अरोरा ने अपना एक वीडियो यूट्यूब पर पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि जब स्टूडेंट्स इंस्टिट्यूट से अपनी कॉपी मांगते हैं तो पता चलता है कि कई प्रश्न ऐसे हैं जो कि जांचे नहीं गए हैं और कई प्रश्नों में कम नंबर दिए गए हैं। सीए की क्लास चलाने वाले एक अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रवीण शर्मा भी इस बात से सहमत हैं। उनका कहना है कि रिवैल्युएशन का सिस्टम परीक्षा प्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए कारगर साबित होगा।

 रिवैल्युएशन के अलावा छात्रों की अन्य मांग यह है कि सीए इंस्टीट्यूट सेंट्रलाइज वैल्यूएशन सिस्टम शुरू करे। फिलहाल कॉपियां मूल्यांकनकर्ताओं के घर सीधे भेजी जाती हैं। इसके अलावा छात्रों की मांग है कि गलत मूल्यांकन करने वाले मूल्यांकनकर्ताओं के विरुद्ध करवाई भी होनी चाहिए। छात्र ओसीआर शीट को पेंसिल की बजाय पेन से भरने का विकल्प भी चाहते हैं। 

यह मामला दिसंबर 2018 की परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद भी उठा था उस समय भी कई छात्रों ने इंस्टिट्यूट के खिलाफ धरने की तैयारी की थी। 

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