सर्वे में सामने आया, देश हिंदुत्ववादी विकल्प की तलाश में

नई दिल्ली। 
2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपना तुरुप का पत्ता प्रियंका गांधी को मैदान में उतार दिया है इसके साथ ही कांग्रेस के इस निर्णय के नफे और नुकसान का आकलन भी शुरू हो गया है। चुनावी सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी एकलव्य ने इस मामले को लेकर जनमत की राय जानने की कोशिश की है। यदि इस एजेंसी के परिणामों पर नजर डाली जाए तो प्रियंका गांधी का दांव कांग्रेस के लिए कोई बहुत फायदे का सौदा दिखाई नहीं दे रहा है। इसके उलट भारतीय जनता पार्टी को तोगड़िया की राजनीति में आने का नुकसान हो सकता है। 
  एकलव्य ने इस मामले में देश के लगभग साढे नौ हजार लोगों की अलग अलग स्रोतों से राय ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि 78% लोगों को प्रियंका का राजनीति में आने का निर्णय अचंभित करने वाला नहीं लगा। केवल 15% लोगों ने ही कहा कि उनका राजनीति में आने के निर्णय से उन्हें आश्चर्य हुआ है जबकि 7% लोगों ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि इस देश को अपेक्षा थी कि कभी ना कभी प्रियंका गांधी राजनीति में जरूर प्रवेश करेंगी। इस लिहाज से यह कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक कतई नहीं कहा जा सकता है।  चुनाव पर प्रियंका गांधी कितना असर डालेंगी इस मामले में 58% लोगों का मानना है कि उनका 2019 के लोकसभा चुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तो 27% लोगों का मानना है कि इससे कांग्रेस को लाभ होगा। 15% लोगों ने इस मामले में कोई राय नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार संदीप कुमार का कहना है कि 2019 के चुनाव में हिंदुत्व प्रमुख मुद्दा होगा और यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रियंका गांधी के पति का नाम रॉबर्ट वाड्रा है। इस तरह से अपने हिंदुत्व पर सवालिया निशान झेल रहे गांधी परिवार को इस बात का उत्तर देना और कठिन होगा रॉबर्ट कौन हैं? इसके साथ ही पिछले सप्ताह देश की राजनीति में एक और घटना हुई है जिसका असर 2019 के लोकसभा चुनाव पर पड़ सकता है। यह घटना है विश्व हिंदू परिषद के पुराने नेता डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया का राजनीतिक दल बनाने का ऐलान। तोगड़िया देश के अलग-अलग शहरों में जा रहे हैं और अपनी संभावित पार्टी के एजेंट को सामने रख रहे हैं। सर्वेक्षण में तोगड़िया के राजनीतिक दल के भारतीय जनता पार्टी पर असर के बारे में पूछे जाने पर सर्वे में 46% लोगों ने कहा कि तोगड़िया की पार्टी भाजपा को नुकसान पहुंचाएगी तो 24% लोगों ने इससे इनकार किया। 30% लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस तरह से मतदाताओं का मानना है कि प्रियंका गांधी की तुलना में प्रवीण तोगड़िया का राजनीतिक दल भाजपा को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि अभी यह कह पाना बहुत जल्दबाजी होगी कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव तक किस तरह से खड़ी होगी यानी कि उसका संगठनात्मक स्वरूप क्या होगा और कितने कार्यकर्ता और नेता से जुड़ेंगे। उधर अलग-अलग सर्वे में नरेंद्र मोदी अब भी भारत के सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं हालांकि उनकी लोकप्रियता का स्तर पहले से कम हुआ है। 

One thought on “प्रियंका से ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगे तोगड़िया”

  1. अपकी बार हिन्दू सरकार बनाना है और सभी हिन्दू लोगो को एकजूट होकर कार्य करना है तोगडिया जी का यह प्रयास बहुत ही अच्छा है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *