गोवा के तर्ज पर इंदौर भी होगा रेबीज मुक्त
इंदौर की संस्थाओं ने की पहल गोवा की एक और एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के सहयोग से होगा टीकाकरण
इंदौर
वैसे तो लंबे समय से इंदौर में रेबीज का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन कुत्ते के काटने के बाद लोगों में रेबीज का डर बना रहता है क्योंकि उनके पास रेबीज और कुत्तों के संबंध में पर्याप्त जानकारीनहीं होती है और इसी डर के चलते डॉग बाइट के कारण लोग रेबीज का वैक्सीन लगाना जरूरी समझते हैं। इंदौर से रेबीज का खतरा मिटाने के लिए और इसे गोवा की तरह रेबीज मुक्त बनाने के लिए गोवा की एक संस्था के साथ मिलकर इंदौर की दो संस्थाएं इंदौर में कुत्तों को रेबीज वैक्सीन लगाने का अभियान चलाएंगी।

Needytail Foundation और PFA के कार्तिक तंवर और प्रियांशु जैन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संस्था Worldwide Veterinary Service (WVS) के सहयोग से सितम्बर माह भर इंदौर में ‘Rabies Action Week (RAW)’ के अंतर्गत नि:शुल्क एंटी-रेबीज़ टीकाकरण ड्राइव शुरू कर रहे हैं।इस अभियान के दौरान हर कुत्ते का लोकेशन, फोटो, लिंग और स्टरलाइज़ेशन स्टेटस दर्ज किया जाएगा। यह पूरा डाटा नगर प्रशासन व सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इंदौर में कितने कुत्ते अब भी नसबंदी से वंचित हैं।
सिर्फ टीकाकरण ही नहीं, बल्कि रेबीज़ अवेयरनेस कैंपेन भी आयोजित किया जाएगा। Needytail Foundation और PFA Indore के स्वयंसेवक स्कूलों, कॉलोनियों और पब्लिक प्लेसेज़ पर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे कि रेबीज़ क्या है, यह कैसे फैलता है और समय पर टीकाकरण क्यों आवश्यक है।
गोवा भी इसी तरह हुआ रेबीज मुक्त
गोवा भारत का पहला और एकमात्र राज्य है, जो पिछले चार वर्षों से रेबीज़ मुक्त है। यह उपलब्धि Mission Rabies, WVS Goa और Dogstrust Worldwide के सहयोग से 70% से अधिक कुत्तों को टीकाकरण और नसबंदी के जरिए हासिल की गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, रेबीज़ 100% टीकाकरण से रोका जा सकता है, और गोवा ने इस मॉडल को अपनाकर सिद्ध किया कि सामुदायिक सहयोग और निरंतर प्रयासों से यह संभव है।