11th April 2024

नागालैंड चुनाव में भाजपा के खिलाफ चर्च की मुहिम

87% क्रिश्चियन जनसंख्या वाले राज्य को दिखा रहे हिंदुत्व का खतरा

कोहिमा

लगभग 87% ईसाई जनसंख्या वाले पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी नागालैंड की प्रभावशाली बैप्टिस्ट चर्च की ओर से प्रेयर के दौरान चुनावी संदेश चलाया जा रहा है। यहां पर प्रार्थना के दौरान चुनाव को लेकर जो संदेश दिया गया है उसमें भारतीय जनता पार्टी का नाम नहीं लिया गया है लेकिन इसकी शब्दावली से स्पष्ट है कि इसमें ईसाई धर्म को मानने वालों से बीजेपी के खिलाफ मत देने की अपील की जा रही है। हालांकि नागालैंड बैप्टिस्ट चर्च कौंसिल (NBCC) के सचिव खुलेआम भारतीय जनता पार्टी को वोट ना देने की बात करते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी वे यही कहते देखे गए थे। 

नागालैंड विधानसभा चुनाव को लेकर अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस ने एक खबर की है। इस खबर के मुताबिक चुनाव को देखते हुए एनबीसीसी ने क्रिश्चियनिटी के मानने वालों से अपने धर्म पर टिके रहने की अपील करते हुए कहा है कि वह सांप्रदायिक शक्तियों से सावधान रहें तथा अपने मताधिकार का उपयोग समझदारी से करें। इसमें ईसाइयों से मतदान करने की अपील करने के साथ-साथ में यह भी कहा गया है कि वे उन लोगों के लिए वोट दें जो कि उनके लिए उपलब्ध रहें और उनसे सावधान रहें जो समाज में नफरत के बीज बो रहे हैं।

इस संदेश को पढ़कर समझ में आता है कि भाजपा से सावधान रहने का संकेत किया जा रहा है लेकिन जब एनबीसीसी के राज्य सचिव से बात की जाती है तो यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आ जाता है। एनबीसीसी के सचिव ज़ेलहो केहो राज्य में भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती शक्ति से चिंतित दिखते हैं। इंडियन एक्सप्रेस के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे भारतीय जनता पार्टी से समस्या नहीं है लेकिन उन्हें आरएसएस के साथ अपने संबंधों पर स्पष्ट होना होगा। आरएसएस पर्दे के पीछे से भाजपा को चला रहा है। इसके चलते हमें सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि जब आरएसएस जैसी विचारधारा कोई राजनीतिक दल बनाती है और उसकी नीतियों को चलाती है तो देश एक धर्म की और ही जाएगा। मुझे बीजेपी के लोगों से समस्या नहीं है लेकिन मैं उनकी नीतियों से सहमत नहीं हूं। 

एनबीसीसी नागालैंड का सबसे बड़ा चर्च समूह है यहां पर इनकी 1807 चर्च हैं। इसके चलते इनका प्रभाव अधिक है।

भाजपा के ईसाई समझा रहे हैं जनता को 

नागालैंड में भारतीय जनता पार्टी के अधिकांश नेता इसाई हैं और वह लगातार यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि भाजपा क्रिश्चियन विरोधी नहीं हैं। नागालैंड भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता कुपूटो शोहे कहते हैं कि हमारा हर प्रत्याशी क्रिश्चियन है। यहां तक कि पार्टी ने स्टार प्रचारक के तौर पर मोदी सरकार में मंत्री जान बारला को उतारा है लेकिन उनके द्वारा ईसाई प्रतीकों के इस्तेमाल के बाद विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है। 

क्रिश्चियन के साथ अपनी निकटता को बताते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सप्रालु नेखा कहते हैं कि नागालैंड बीजेपी के लोग भी क्रिश्चन है और हम जब भी कोई छोटा या बड़ा कार्यक्रम करते हैं तो उसमें पास्टर या बीकन को बुलाते हैं और उन से अनुरोध करते हैं कि वह प्रार्थना करें और कार्यक्रम को ईश्वर का आशीर्वाद दिलाएं। 

आरएसएस बरसों से नागालैंड में है

नागालैंड विश्वविद्यालय में अंग्रेजी भाषा की प्राध्यापक रोजमेरी डुविचो लंबे समय से राज्य में भारतीय जनता पार्टी की राजनीति का अध्ययन कर रही हैं। उनका मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के पास राज्य के उपमुख्यमंत्री वाय पैटन, टेमजेंग इमला अलोंग और विधायक किकोन के रूप में प्रभावशाली नेता हैं। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी राज्य में अकेले चुनाव नहीं लड़ रही है। वे क्षेत्रीय दलों के साथ है इसके चलते उसकी स्वीकार्यता को लेकर बहुत ज्यादा समस्या नहीं है। युवाओं का एक वर्ग उनके प्रति आकर्षित हैं क्योंकि उनके पास शिक्षित नेता हैं। प्रोफेसर रोजमेरी ने आगे बताया कि आर एस एस और बीजेपी नागालैंड के लिए नये नहीं हैं। अबे दशकों से यहां है और नागालैंड के कई क्षेत्रों में प्रभावशाली स्थिति में है। वो यहां के लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि नागालैंड के पारंपरिक धर्म और जीवन शैली हिंदू धर्म के निकट है। 

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