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सावधान! अब WhatsApp हैकर्स भी हुए सक्रिय

कंपनी के नाम से मैसेज कर मांग रहे उपयोगकर्ता का वैरिफिकेशन कोड

लंदन.

डेबिट और क्रेडिट कार्ड के बाद अब WhatsApp वेरिफिकेशन कोड मांगकर WhatsApp हैक हो रहे हैं। इस संबंध में WhatsApp कंपनी ने भी उपयोगकर्ताओं को चेताया है। यदि आपके पास WhatsApp से कोई मैसेेज आए तो उसका जवाब न दें।
आपको पता होगा कि जब हम अपने मोबाईल में WhatsApp इंस्टाल करते हैं तो हमको एक छह अंकों वाला वैरिफिकेशन कोड आता है। इस कोड को एंटर करने के बाद ही हमारा WhatsApp एकाउंट एक्टिवेट होता है।

अब व्हाट्सएप हैकिंग का मामला सामने आया है। इसमें व्हाट्सएप की ओर से उपयोगकर्ताओं को एक मैसेज आता है जिसमें की कंपनी टेक्निकल वेरिफिकेशन के लिए 6 डिजिट के इसी वेरिफिकेशन कोड को मांगते हैं। यह वेरिफिकेशन कोड जिसके भी पास होगा वह आपके मोबाइल नंबर से नया व्हाट्सएप अकाउंट खोल सकता है। 
इस मामले में व्हाट्सएप ने भी उपयोगकर्ताओं को चेताया है कि वे अपने वेरीफिकेशन कोड को किसी के साथ भी शेयर ना करें और यह भी कहा है कि व्हाट्सएप कभी भी अपने उपयोगकर्ताओं का वेरिफिकेशन कोड नहीं मांगता है।

बीटा इन्फो ने किया खुलासा

 इस मामले का खुलासा बीटा इन्फो नाम की एक टेक्निकल टीम ने किया है। बीटा इन्फो WhatsApp पर लगातार नजर रखता है और इसे WhatsApp का एक्सपर्ट माना जाता है। ट्विटर अकाउंट पर एक उपयोगकर्ता ने अपना स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए पूछा था कि उसके पास व्हाट्सएप की तरफ से एक मैसेज आया है जिसमें उससे उसका वेरिफिकेशन कोड मांगा गया है।

 इसका जवाब देते हुए बीटा इन्फो ने ट्वीट किया है कि व्हाट्सएप कभी भी अपने उपयोगकर्ताओं का वेरिफिकेशन कोड नहीं मांगता है। अपना वेरिफिकेशन कोड किसी के साथ शेयर ना करें क्योंकि इससे अकाउंट के हैक हो जाने का खतरा है। यह मैसेज जिस अकाउंट से आया है उसने अपनी डीपी पर व्हाट्सएप का लोगो लगा रखा है ताकि उपयोगकर्ताओं को लगे कि यह व्हाट्सएप का ही अकाउंट है। 

इस मामले में व्हाट्सएप ने भी खुलासा करते हुए कहा है कि वह कभी भी अपने उपयोगकर्ता से प्रत्यक्ष संपर्क नहीं करते हैं। वे सोशल मीडिया और ब्लॉग के माध्यम से अपने संदेश देते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंपनी के अकाउंट में ग्रीन टिक लगा होता है जिससे कि उपयोगकर्ता अधिकारिक व्हाट्सएप अकाउंट की पहचान कर सकते हैं। 

WhatsApp के अधिकारिक एकाउंट पर इस तरह का ग्रीन टिक लगा होता है जैसा कि WhatsApp लिखा है उस पर लगा है।

व्हाट्सएप का कहना है कि अपना वेरिफिकेशन नंबर किसी के साथ शेयर ना करें क्योंकि यह संभव है कि किसी ने आप के नंबर से व्हाट्सएप डाउनलोड किया हो और उसे उस अकाउंट को एक्टिवेट करने के लिए सिक्स डिजिट के वेरिफिकेशन नंबर की जरूरत हो क्योंकि सिम आपके पास होने के चलते वेरिफिकेशन कोड व्हाट्सएप आप ही को भेजेगा।

40 प्रतिशत बढ़ा उपयोग

लॉकडाउन के दौरान WhatsApp का उपयोग 40 प्रतिशत बढ़ गया है। इसे देखते हुए और अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। फिलहाल WhatsApp सर्वाधिक यूज किया जा रहा है।

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