5th December 2022

स्वास्थ्य मंत्री का सहकर्मी को किस करते वीडियो आने के बाद इंग्लैंड में हजारों लोग वैक्सीन और लॉकडाउन के विरोध में सड़क पर

प्रदर्शनकारी कोविड प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहे, संसद पर फेंकी टेनिस बॉल

लंदन. शनिवार को लंदन में कोविड गाइडलाइंस के अधीन लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए। ये लोग लॉकडाउन, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीन का विरोध कर रहे थे। खास बात ये है कि इन लोगों को गुस्सा स्वास्थ्य मंत्री मेट हेंकोक के खिलाफ भी था। शुक्रवार को हेंकोक का एक सीसीटीवी फुटेज वाइरल हुआ था जिसमें वे अपने सरकारी कार्यालय में अपनी सहकर्मी को किस कर रहे थे।

इसके चलते प्रदर्शनकारी हेंकोक को हटाने की मांग भी कर रहे हैं। उन्होंने विरोध के संदेश लिखी हुई सैकड़ों टेनिस बाल संसद की ओर फेंकी। साथ ही बोरिस जानसन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

बताया गया है कि इंग्लैंड में वैक्सीन, यात्रा करने के लिए वैक्सीन पासपोर्ट, मास्क, लॉक डाउन आदि के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने कोविड गाइडलाइन को लेकर सरकार द्वारा असमानता का व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों में शामिल केलिग ब्रुक ने कहा कि सरकार को आपातकालीन शक्तियां और कोरोना एक्ट 2020 को वापस लेना होगा। इन्हें वापस लिए जाने तक ये प्रदर्शन जारी रहेगा। 29 साल की ब्रुक मैनचेस्टर की रहने वाली हैं और पिछले चार सप्ताह से कोरोना प्रोटोकॉल के विरोध चल रहे धरने में शामिल हैं।

वैक्सीन का विरोध

इतना ही प्रदर्शनकारियों ने वैक्सीन का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि इसके लिए जबरदस्ती नहीं की जा सकती है। सरकार वैक्सीन पासपोर्ट की तैयारी कर रही है, जिसके बाद यात्रा और अन्य गतिविधियों में केवल उसी को अनुमति होगी जिसके पास वैक्सीन पासपोर्ट होगा। प्रदर्शनकारी इसे भी स्वतंत्रता का उल्लंघन बता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें फ्रीडम चाहिए। खास बात ये है कि ये विरोध पूरे सप्ताह जारी रहेंगे। इन लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य संगठन की म्यूटेंट यानी के कोविड नए वैरिएंट की थ्योरी भी फर्जी है।

कोर्ट के आदेश से बढ़ा विरोध

कुछ दिन पहले कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों ने निपटने के लिए पुलिस को कुछ और अधिकार दिए थे। प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध किया है। यहां तक कि प्रदर्शन कारियों का कहना है कि प्रदर्शन की खबरों पर भी सरकार सेंसरशिप कर रही है। इसके चलते लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन मीडिया में नहीं दिखाए जा रहे हैं। लंदन पुलिस ने कल के प्रदर्शन में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गाय है कि प्रदर्शनकारियों के साथ झ़डप में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

मीडिया की दूरी

प्रदर्शनकारियों की इस बात में भी दम है कि इन विरोध प्रदर्शनों को मीडिया उतना कवरेज नहीं दे रहा है। बीबीसी ने भी इसे सीमित कवरेज दिया है, यही हाल ब्रिटिश अखबार दि गार्जियन और दि इंडपेंडेंट का है। इन्होंने भी ज्यादा जानकारी इस बात की दी है कि विरोध में कितने पुलिसकर्मी घायल और कितने प्रदर्शनकारी गिरफ्तार हुए हैं। वैक्सीन के विरोधी शुरू मीडिया में उनकी आवाज दबाने के आरोप लगाते रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!