Goonj

Voice of the Students of India

मुंबई में भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा पर 19 एफआईआर

कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर उद्धव सरकार सख्त

मुंबई.

भारतीय जनता पार्टी द्वारा निकाली जा रही जनआशीर्वाद यात्रा पार्टी के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार हैं वहां पर भले इन पर कोई कार्रवाई न हो रही हो लेकिन सोशल मीडिया पर जनता इन यात्राओं पर सवाल उठा रही है। वहीं मुंबई में अब तक भाजपा की इन यात्राओं पर अब तक 19 एफआईआर दर्ज की जा चुकीं हैं।

कोरोना नियमों को लेकर उद्धव सरकार की सख्ती दिखा रही है, जिसकी वजह से बीजेपी की इस यात्रा के आयोजकों के खिलाफ मुंबई में कोविड-19 नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर ताबड़तोड़ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। मुंबई पुलिस द्वारा बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर अब तक कुल 19 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन मामले में गुरुवार तक अलग से सात मामले दर्ज किए जा चुके थे। मगर अब इसकी संख्या 19 हो गई है। अधिकारी ने बताया था कि विले पार्ले, खेरवाड़ी, माहिम, शिवाजी पार्क, दादर, चेंबूर और गोवंडी थानों में आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना) के साथ ही आपदा प्रबंधन अधिनियम और मुंबई पुलिस अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए।

मुंबई में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री नारायण राणे, आप खुद देख सकते हैं कि कोरोना प्रोटोकॉल का कितना पालन हो रहा है।

कोरोना की दूसरी लहर अब तक खत्म नहीं

नवनियुक्त केंद्रीय मंत्री नारायण राणे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा नेता प्रवीण दारेकर और पार्टी के अन्य नेताओं ने रैली में भाग लिया था। नवनियुक्त केंद्रीय मंत्रियों का परिचय कराने के लिए भाजपा की ओर से यह यात्रा आयोजित की गई थी। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि अभी राज्य में दूसरी लहर पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है।

महाराष्ट्र में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 5,225 नये मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 64,11,570 हो गई जबकि 154 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 1,35,567 तक पहुंच गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बीते 24 घंटे में 5,557 मरीजों के संक्रमण से उबरने की पुष्टि हुई है जिसके बाद संक्रमण मुक्त होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 62,14,921 हो गई है।

मप्र में भी यात्रा पर ‘जनसवाल’

इसी तरह से मप्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। गुरुवार को इंदौर में निकाली यात्रा के चलते आम लोगों को बहुत परेशानी हुई जिसके बाद लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूटा। वहीं भाजपा नेताओं ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। भोपाल में पांच साल से चयन के बाद नियुक्ति की राह देख रहे 35000 शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन खत्म कराने के लिए साम-दाम-दंड भेद अपनाया गया ।

यानी भाजपा कार्यालय पर धरना दे रहे इन चयनिक शिक्षकों और शिक्षिकाओं को हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने धमकी का भी सहारा लिया। यहां तक कि धरने पर बैठे शिक्षक शिक्षिकाओं को डराने के लिए सभी के अलग-अलग फोटो लिए गए लेकिन ये सख्ती जनआशीर्वाद यात्रा पर नहीं दिखाई गई।

खास बात ये है कि सिंधिया जब कांग्रेस में थे तब इन लोगों के लिए सड़कों पर उतरने की बात कर रहे थे लेकिन भाजपा में आने के बाद वे इस मुद्दे पर बात भी नहीं करना चाहते हैं। हां खुद मंंत्री बनने की खुशी में यात्रा जरूर निकाल रहे हैं।

error: Content is protected !!