28th January 2022

एसटी-एससी के लिए आरक्षित सीटों पर केवल गरीबों को ही हो चुनाव लड़ने की छूट

जदयू नेता ने की मांग, अमीर लोगों के आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने से गरीबों का क्या लाभ?

नई दिल्ली

आरक्षण और जातिगत जनगणना पर जारी बहस के बीच जनता दल यूनाइटेड के नेता डॉ. अजय आलोक ने अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए लोकसभा विधानसभा में आरक्षित सीटों के मामले में बयान देते हुए कहा है कि यह सीटें कुछ परिवारों तक सीमित हो गई हैं। डॉ आलोक ने आगे कहा कि इन सीटों को इस लिए आरक्षित किया गया था ताकि इस वर्ग के गरीब और पिछड़े लोगों की आवाज संसद और विधानसभाओं तक पहुंचे लेकिन इन सीटों पर सांसद और विधायक बनने वाले लोग वह हैं जो कि मॉल और जमीनों के मालिक हैं तथा करोड़पति परिवारों से आते हैं।

अजय आलोक ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या आरक्षण का लाभ ऐसे लोगों को मिलना चाहिए? अजय आलोक ने कहा कि न केवल लोकसभा और विधानसभा बल्कि स्थानीय निकाय चुनाव में भी आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए आर्थिक आधार होना चाहिए। तभी असली गरीबों की आवाज सदन में गूंजेगी अन्यथा एक ही नेता की अगली पीढ़ी को मौका मिलता रहेगा और अन्य छूट जाएंगे। 

जातिगत जनगणना भी आर्थिक आधार पर

डॉ. अजय आलोक ने जातिगत जनगणना का समर्थन करते हुए कहा कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए लेकिन यह भी आर्थिक आधार पर होनी चाहिए। यानी कि इसमें भी आर्थिक रूप से पिछड़ों को ही पिछड़ों की परिभाषा में शामिल किया जाना चाहिए ना कि केवल जातिगत आधार पर। हालांकि उनकी पार्टी जनता दल यू का विचार ऐसा नहीं है।

कौन है डॉ. अजय आलोक

डॉ. अजय आलोक जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता है तथा पेशे से डॉक्टर हैं। अपने आप को एक राजनीतिक एक्टिवेट मानते हैं और साथ ही कहते हैं कि मेरा एजेंडा नेशन फर्स्ट है मैं बिहार के कृष्णापुर इलाके के रहने वाले हैं।  वे सोशल मीडिया में जनता दल यूनाईटेड के सबसे सक्रिय नेता हैं। डॉ. आलोक ने अपने ट्वीट में नीतिश कुमार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी टैग किया है।

error: Content is protected !!