5th December 2022

पीएम मोदी ने बड़वानी के युवाओं के खेती किसानी के डिजीटल प्लेटफॉर्म फार्मकार्ट को सराहा

मन की बात में किया उल्लेख, कहा किसानों को ऑनलाइन पेमेंट और ख़रीदारी भी सिखा रहे

बड़वानी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात की ७०वीं कड़ी में बड़वानी से शुरू की गई कृषि नवाचार समाधान कंपनी फार्मकार्ट के कार्यों और उसके द्वारा लॉकडाउन में किसानों के हित में किये गए प्रयासों की सराहना की है। खास बात ये है कि स्टार्टअप आईआईएम और सिम्बायसिस जैसे संस्थानों के युवाओं को भी नौकरियां देने की तैयारी कर रही है। फार्मकार्ट इन संस्थानों में प्लेसमेंट के लिए जा भी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “मध्यप्रदेश के बड़वानी में अतुल पाटीदार अपने क्षेत्र के ४,००० किसानों को डिजिटल रूप से जोड़ चुके हैं। यह किसान अतुल पाटीदार के ई -प्लेटफॉर्म फार्मकार्ट के जरिए खेती के सामान जैसे खाद, बीज, पेस्टिसाइड आदि की होम डिलीवरी पा रहे हैं यानी किसानों को घर तक उनकी ज़रूरत की चीज़ें मिल रही हैं।

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधुनिक कृषि उपकरण भी किराए पर भी मिल जाते हैं। लॉकडाउन के समय भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को हजारों पैकेट डिलीवर किए गए जिसमे कपास और सब्जियों के बीज भी थे।अतुल जी और उनकी टीम किसानों को तकनीकी रूप से जागरूक कर रही है, किसानों को ऑनलाइन पेमेंट और ख़रीदारी भी सिखा रही है।”

हमें प्रेरणा मिली

फार्मकार्ट को मिली इस प्रशंसा पर संस्थापक और सीईओ अतुल पाटीदार ने कहा, “यह बात हमारे लिए बहुत ही मायने रखती है कि देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने फार्मकार्ट के तकनीकी नवाचार समाधानों और प्रयासों को सराहा है। फार्मकार्ट और उसकी टीम के उत्साहवर्धन के लिए मैं प्रधानमंत्री जी का ह्रदय से आभारी हूँ। ‘मन की बात’ में फार्मकार्ट के उल्लेख ने हमारी टीम में एक नई शक्ति का संचार किया है, जो आने वाले समय में हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।”

युवा उद्यमी अतुल पाटीदार बड़वानी के एक किसान परिवार से हैं, जिन्होंने कुछ वर्षों पहले कनाडा में रह रहे अपने कुछ साथियों के साथ किसानों का जीवन सुलभ और सरल बनाने के लिए फार्मकार्ट की शुरुआत की थी। अतुल विश्व के सर्वोत्तम विश्वविद्यालयों से ४ स्नातकोत्तर उपाधियों प्राप्त कर चुके हैं और कई जानी मानी कंपनियों जैसे सैमसंग और फोर्ड के लिए भी काम कर चुके हैं।

फिलहाल, फार्मकार्ट के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्रामीण किसानों को सात सौ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्पाद और खेती संबंधी हर ज़रूरी जानकारी उपलब्ध है। हाल ही में, फार्मकार्ट ने कृषि उत्पाद और सेवाओं के लिए ई-कॉमर्स एप्लीकेशन भी लांच की है। यह कृषि की दृष्टि से देश का पहला व्यापक प्लेटफॉर्म है। फिलहाल, फार्मकार्ट अपने ई- कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए मध्यप्रदेश में करीब १,२०० स्थानों में १५०,००० किसान फार्मकार्ट द्वारा वितरित उत्पादों और सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।

आईआईएम और सिंबाएसिस के छात्रों को नौकरी दे रहे

फार्मकार्ट के चेयरमैन अनूप मंडलोई के अनुसार, “हम ऐसे शिक्षित युवाओं की तलाश कर रही है जो ग्रामीण भारत में रोज़गार को एक अवसर की तरह देखकर उसका लाभ उठाना चाहते हों। इसके लिए कंपनी आईआईएम और सिम्बायोसिस जैसे संस्थानों की प्लेसमेंट प्रक्रिया में भी हिस्सा ले रही है।”

कंपनी की विस्तार योजना में, कृषि सलाह या कंसल्टेंसी सेवाओं का भी विस्तार भी शामिल है। इसके लिए फार्मकार्ट एग्री-निदान एप भी लांच करेगी। इसके माध्यम से फार्मकार्ट कृषि-परामर्श का प्रजातंत्रीकरण करना चाहती है। ऐसा होने पर, एग्री-निदान एप से किसान दुनिया भर के जाने-माने कृषि विशेषज्ञों की सलाह ले पाएंगे।

फिलहाल दी जाने वाली रेंट4फार्म सेवा के लिए भी फार्मकार्ट एक अलग एप लांच करने का मन बना रही है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को कृषि उपकरणों के सर्टिफाइड सप्लायरस से जोड़ने का कार्य करेगी।

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