23rd February 2024

रामसेतु के चलते सीएम नहीं बन पाए पटेल!

वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यन स्वामी की एक्स पर पोस्ट
– पीएम को भेजी थी रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की फाइल वैसे ही बदल दिया गया था पटेल का मंत्रालय
– सरकार ने पटेल की पत्नी को पेगासस पर रखा

नई दिल्ली.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे चल रहे प्रहलाद पटेल का अचानक से पार्श्व में चले जाना बहुत से लोगों को हजम नहीं हुआ। गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सुब्रमण्यन स्वामी ने एक चौंकाने वाला ट्वीट किया जिससे पता चलता है कि पटेल और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच राम सेतु को लेकर संबंध अच्छे नहीं थे। स्वामी ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है कि रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने की फाइल मोदी के सामने रखे जाने के बाद न केवल पटेल का मंत्रालय बदल दिया गया बल्कि उनकी पत्नी को पेगासस पर भी डाल दिया गया। खास बात यह है कि ट्वीट के बाद प्रहलाद पटेल ने डॉ. स्वामी के से भेंट भी कीहै। स्वामी ने इसका फोटो भी एक्स पर पोस्ट किया है।

डॉ. सुब्रमण्यन स्वामी नेशनल हेराल्ड से लेकर रामसेतु तक बहुत से मुद्दों को लेकर कोर्ट गए हैं। रामसेतु को लेकर गुरुवार को उन्होंने एक्स पर कुछ पोस्ट किए हैं। इससे पता चलता है कि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के रूप में प्रहलाद पटेल ने रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास फाइल भेजी थी लेकिन उनका विभाग बदल दिया गया।

इतना ही नहीं स्वामी ने चौकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि इसके बाद पटेल की पत्नी को पेगासस ( टेलीफोन निगरानी सॉफ्टवेयर) पर रख दिया गया। डॉ स्वामी ने पोस्ट किया है कि “मोदी ने राम सेतु की राष्ट्रीय धरोहर के रूप में घोषणा को रोक दिया। प्रहलाद पटेल ने मंत्री के रूप में इसे लेकर मंत्रालय में एक बैठक रखी थी। उन्होंने मुझे इस विषय पर संबोधित करने को कहा। उसके बाद पटेल को फाइल लेकर मोदी के पास गए। मोदी ने उन्हें मंत्रालय से हटा दिया और उनकी पत्नी को पेगासस पर रख दिया। टेलीफोन टैप!”

इसके बाद रामसेतु को लेकर डॉक्टर स्वामी ने एक पोस्ट और की जिसमें उन्होंने लिखा कि मोदी को शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने से मना कर दिया जबकि उनके संस्कृति मंत्री ने अपने मंत्रालय के निर्णय की अनुशंसा की फाइल उन्हें स्वीकृति के लिए भेजी थी। मोदी ने अभी तक फाइल दबा रखी है क्यों?

मामला यहीं समाप्त नहीं होता है इसके बाद सुबह 9:56 पर सुब्रमण्यन स्वामी ने प्रहलाद पटेल के साथ अपनी एक फोटो भी पोस्ट की है। यह फोटो डॉ स्वामी के घर के बाहर का लग रहा है। जिसमे इन दोनों के साथ कुछ अन्य लोग भी हैं। यह फोटो कल सुबह का ही लग रहा है। हालांकि इस विषय पर प्रहलाद पटेल ने अभी तक ना तो कुछ कहा है और ना ही सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किया है।

पटेल की भूमिका पर सवाल

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव हो जाने के बाद अब यह सवाल सभी के मन में है कि प्रहलाद पटेल की आगे की भूमिका क्या होगी? पार्टी ने उनसे सांसद और मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया है और फिलहाल वे केवल विधायक हैं। संभव है कि पार्टी उन्हें प्रदेश सरकार में मंत्री बना दे लेकिन पटेल के कद को देखते हुए यह भूमिका भी छोटी ही होगी। उनके लिए यह ठीक वैसा ही होगा जैसे कि किसी को आईपीएस होकर किसी थाने में थानेदार नियुक्त कर दिये जाएं।

विधायक दल की बैठक के पहले उनके बंगले का माहौल इस तरह से था जैसे कि वे मुख्यमंत्री बनने ही वाले हैं। प्रदेश भर से उनके समर्थक भोपाल में जमा हो गए थे। उन्हें अब तक यह समझ में नहीं आया है कि यदि पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री चुनना था तो पटेल को क्यों नहीं चुना गया? उधर डॉ. सुब्रमण्यन स्वामी के आरोपों में सबसे गंभीर आरोप पटेल की पत्नी को पेगासस पर रखे जाने का है। पटेल कल ही दिल्ली से वापस अपने गृह नगर लौटे हैं। वे वहां पर गोटेगांव के पास बैगासपुर स्थित सत्य सरोवर आसान स्थित श्री श्रीबाबाश्री के आसान पंहुचे।

उन्होंने अनुरोध किया है कि “मेरे आराध्य परम पूज्य श्री श्रीबाबाश्री जी के अवतरण दिवस (२७ दिसम्बर )२०२३ का आयोजन ओंकारेश्वर में सम्पन्न करने का निर्णय आज “सत्य सरोवर आसन “ बगासपुर जि नरसिंहपुर में निर्विकार पथ के पथिकों ने लिया है। मेरा भी सभी भगत परिवारों से आग्रह है कि सपरिवार पहुँचे।”

क्या है पेगासस ?

सुब्रमण्यम स्वामी ने जिस पेगासस सॉफ्टवेयर पर प्रहलाद पटेल की पत्नी को रखे जाने का दावा किया है। वह एक जासूसी सॉफ्टवेयर है जिसे इजरायली कंपनी एनएसओ ने बनाया है। इस सॉफ्टेवयर की मदद से किसी की भी बड़ी ही आसानी से रिकॉर्डिंग की जा सकती है। पेगासस एक जासूसी सॉफ्टवेयर इसलिए इसे स्पाईवेयर के नाम से भी जाना जाता है। यह दुनिया में मौजूद सबसे ताकतवर सॉफ्टवेयर में गिना जाता है।
जब कंपनी ने अपने क्लाइंट में भारत सरकार को भी बताया था उसे समय देश में इसे लेकर बहुत बवाल मचा था। राहुल गांधी सहित विपक्ष के अनेक नेताओं ने स्वयं की जासूसी के लिए पेगासस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। यह भी कहा गया था कि सरकार ने इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कई पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी निगरानी की थी।

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