5th December 2022

आधे आज आओ, आधे कल आओ की नीति पर खुलेंगे कॉलेज

यूजीसी ने जारी की गाईड लाईन

नई दिल्ली.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी ने कोरोना को देखते हुए कॉलेज और विश्वविद्यालय खोले जाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज खोले जाने के मामले में राज्य सरकारें अंतिम निर्णय लेंगी। यूजीसी ने केवल वे दिशा निर्देश जारी किए हैं जिन्हें यूनिवर्सिटी और कॉलेज खोलते समय ध्यान में रखा जाना है। इनमें प्रमुख निर्देश यह है कि आधे स्टूडेंट आज क्लास अटेंड करेंगे और आधे स्टूडेंट कल। 

देश में कोरोना संक्रमण के चलते शैक्षणिक संस्थान 16 मार्च 2020 से ही बंद हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। इसके अलावा यूजीसी ने होस्टल के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एक कमरे में एक ही स्टूडेंट का रखा जाना चाहिए।

ऑनलाइन स्टूडी का विकल्प

यूजीसी ने यह भी कहा है कि स्थितियां सामान्य होने तक जो स्टूडेंट घर से ही ऑनलाइन क्लास अटेंड करना चाहते हैं उन्हें यूनिवर्सिटी और कॉलेज आने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। यूजीसी ने कहा कि संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए योजना तैयार रखनी चाहिए जो यात्रा प्रतिबंधों या वीजा संबंधी मुद्दों की वजह से कोर्सेज में शामिल नहीं हो सकते।

आधे स्टूडेंट्स ही बुलाएं

सभी रिसर्च कोर्सेज के छात्र और साइंस टेक्नोलॉजी कोर्सेज के पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों को पहले कॉलेज बुलाया जा सकता है क्योंकि इनकी संख्या अन्य कोर्सेज के छात्रों से कम होती है। इसके बाद संस्थान के प्रमुख के निर्देशानुसार अकादमिक और प्लेसमेंट के मकसद से फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को भी बुलाया जा सकता है।  हालांकि किसी भी संस्थान में कुल छात्रों के 50 फीसदी से अधिक की उपस्थिति नहीं होनी चाहिए। 

ये है गाईडलाइन

– यूजीसी ने कहा है कि ऐसे विद्यार्थी जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षडेण होंगे, उन्हें कैंपस में रहने, यूनिवर्सिटी या कॉलेज हॉस्टल में रूम शेयर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

– दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। आपस में छह फीट की दूरी बनाए रखनी होगी। मास्क अनिवार्य होगा।

– अगर विश्वविद्यालय और कॉलेज कन्टेनमेंट जोन से बाहर हैं तो ही उन्हें खोलने की इजाजत दी जा सकती है। कन्टेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को कॉलेज में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। 

– विद्यार्थी और स्टाफ को भी सलाह दी जाए कि वह कन्टेनमेंट जोन में न जाएं। फैकल्टी, स्टाफ और विद्यार्थियों को आयोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। 

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