5th December 2022

प्रियंका गांधी को घेरने के लिए सोशल मीडिया पर जारी किया योगी सरकार का नकली पत्र

कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश में घिरी उप्र सरकार

लखनऊ.

प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा उत्तर प्रदेश की सीमा पर 1000 बस श्रमिकों को अपने घर पहुंचाने के लिए लगाए जाने की अनुमति का मामला गरमा गया है। 16 मई को वाहनों की सूची सहित भेजे गए पत्र का जवाब उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव ने 18 मई की रात 11:40 पर दिया जिसमें उन्होंने सुबह 10:00 बजे सभी 1000 बसों को उनके चालक परिचालक तथा उनके लाइसेंस के साथ लखनऊ में पेश होने के लिए कहा।

ये है उप्र सरकार द्वारा जारी पत्र की वास्तविक प्रति

इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा के सचिव और उत्तर प्रदेश के नेताओं के बीच ट्विटर पर आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लग गई। मामले को मौका मानते हुए डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट भी सक्रिय हो गया । उसने उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी द्वारा जारी पत्र के साथ छेड़छाड़ की और एक पोस्टर बनाकर जारी कर दिया कि योगी सरकार ने अनुमति दे दी तो प्रियंका गांधी 1000 बसों के सहित गायब हो गई क्योंकि उनके पास बस है ही नहीं। 

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दरअसल यह पत्र योगी सरकार के अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र के साथ छेड़छाड़ करके तैयार किया गया है क्योंकि मूल पत्र में अधिकारी ने रात 11:40 पर लिखा है कि सुबह 10:00 बजे लखनऊ के सेक्टर 17 18 में 1000 बसों व उनके ड्राइवरों परिचालकों को मय दस्तावेज के साथ वेरिफिकेशन के लिए प्रस्तुत किया जाए। लेकिन डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी किया गया यह पोस्टर सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है जबकि इसकी सच्चाई यह है कि इसमें लगाया गया पत्र के साथ छेड़छाड़ की गई है।

इस पत्र के जवाब में प्रियंका गांधी वाड्रा के सचिव ने उत्तर प्रदेश के अधिकारी को लिखा कि रात 11:40 पर आपके द्वारा यह कहना कि 1000 बसों को पहले लखनऊ तक खाली लाया जाए ताकि आप उनका सत्यापन कर सकें। यह केवल मजदूरों को घर पहुंचाने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करना है। 

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