5th December 2022

चाईनीज नहीं है मप्र, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना का कोरोना वायरस

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30 जनवरी नहीं 26 नवंबर से 25 दिसंबर के बीच ही भारत आ गया था कोरोना

हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेलुलर ऐंड मॉलिक्यूलर बायॉलजी के वैज्ञानिकों का अनुमान

हैदराबाद

अब तक हमको ये जानकारी है कि भारत में कोरोना का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया था। इसके साथ ही यह भी माना जाता है कि भारत में पाया जाने वाला कोरोना वायरस भी चाईनीज है। लेकिन हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेलुलर ऐंड मॉलिक्यूलर बायॉलजी के वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में कोरोना नवंबर से ही फैल रहा है। वैज्ञानिक भाषा में भारत में पाए जाने वाले कोरोना वायरस के स्ट्रेन का MRCA (मोस्ट रिसेंट कॉमन एन्सेस्टर) बताता है कि भारत में यह नवंबर 2019 से ही फैल रहा था।

वैज्ञानिकों ने टाइम टु मोस्ट रिसेंट कॉमन एन्सेस्टर (MRCA) नाम की वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग करके बताया है कि अभी तेलंगाना और दूसरे राज्यों में कोरोना वायरस का जो स्ट्रेन फैल रहा है वह 26 नवंबर और 25 दिसंबर के बीच में पैदा हुआ था। इसकी औसत तारीख 11 दिसंबर की आ रही है।

30 जनवरी को मिले मरीज का वायरस वुहान का है

हां लेकिन केरल में मिले भारत के पहले कोरोना केस का स्ट्रेन वुहान से जुड़ा हुआ है। हैदराबाद में कोरोना के जिस नए स्ट्रेन की खोज हुई है उसकी जड़े चीन में नहीं बल्कि किसी दक्षिण-पूर्व एशिया के देश की है। इस देश के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेलुलर ऐंड मॉलिक्यूलर बायॉलजी (CCMB) के डायरेक्टर डॉक्टर राकेश के. मिश्रा ने बताया कि नया स्ट्रेन किस देश से पैदा हुआ यह पता नहीं चला है लेकिन यह चीन का नहीं है, किसी दक्षिण-पूर्व एशियाई देश का है।

भारत में तीन स्ट्रेन हैं कोरोना के

इस तरह से यह सामने आया है कि भारत में कोरोना वायरस को तीन स्ट्रेन फैल रहे हैं। ज्यादा नुकसान वुहान के स्ट्रेन ने नहीं किया है। इस शोध से पता चला है कि भारत में कोरोना वायरस के जिस नए स्ट्रेन को खोजा गया है वह तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली में बड़े पैमाने पर फैल रहा है। बिहार, कर्नाटक, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी नया स्ट्रेन फैल रहा है। केरल में जो स्ट्रेन था वो वुहान का था।

हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेलुलर ऐंड मॉलिक्यूलर बायॉलजी (CCMB) ने न सिर्फ कोरोना वायरस के भारतीय स्ट्रेन के MRCA की टाइमिंग का अनुमान लगाया है बल्कि एक नए स्ट्रेन या क्लेड की भी खोज की है जो मौजूदा स्ट्रेन से अलग है। वैज्ञानिकों ने भारत के कोरोना के नए स्ट्रेन को क्लेड I/A3i नाम दिया है।

भारत में कोरोना कब और कहां से आया

अब प्रश्न उठता है कि भारत में कोरोना कब और कहां से आया? तो इसका उत्तर ये है कि इसकी ठीक अनुमान लगाना संभव नहीं है। क्योंकि नवंबर और दिसंबर में भारत में कोरोना की जांच नहीं हो रही थी। ऐसे में बिना जांच के यह नहीं कहा जा सकता कि ये कब और कहां से आया था। जांच प्रारंभ होने के बाद पहला मामला केरल में आया था और इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह चीन से आया था।

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