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वैक्सीन से हुई मौत के मामले में बाम्बे हाईकोर्ट में याचिका, बिल गेट्स वैक्सीन से नरसंहार करने वाला आदतन अपराधी

अदार पूनावाला को भी बताया अपराध में शामिल

युवक की हुई थी वैक्सीन लेने के बाद मृत्यु, मां ने लगाई है याचिका

मुंबई. (गूंज स्पेशल)

मुंबई में कथित रूप से वैक्सीन लेने के बाद हुई 23 वर्षीय युवक की मौत को लेकर युवक की मां ने बांबे हाईकोर्ट में अपराधिक याचिका दायर की है। इसमें खास बात ये है कि दुनिया में पहली बार किसी कानूनी दस्तावेज में माइक्रोसॉफ्ट चैअरमैन बिल गेट्स को वैक्सीन के जरिए नरसंहार करने का आदतन अपराधी बताया गया है।

याचिका में कोविशील्ट वैक्सीन बनाने वाली भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट के मालिक अदार पूनावाला के बारे में कहा गया है कि वे इस अपराध के सबसे बड़े लाभ प्राप्तकर्ता हैं। वे भी इसमें शामिल हैं क्योंकि उन्होंने अपने वैक्सीन कोविशील्ड के बारे एम्स के डायरेक्टर डॉ. रनदीप गुलेरिया और डॉ. वीजी सोमानी द्वारा किए जा रहे झूठे प्रचार पर कभी आपत्ति नहीं ली। इसी तरह की बातें फार्मा कंपनी एस्ट्रा जेनेका के बारे में भी कही गई हैं। सीरम इंस्टिट्यूट एस्ट्रा जेनेका के लाइसेंस के अघीन ही कोविशील्ड का निर्माण कर रहा है।

ये है मामला

याचिका के अनुसार याचिकाकर्ता किरण यादव के 23 वर्षीय बेटे हितेश कड़वे को महाराष्ट्र सरकार ने गैर कानूनी रूप से जबरन वैक्सीन लेने के लिए मजबूर किया। महाराष्ट्र सरकार ने गैर कानूनी तरीके से वैक्सीन न लेने वाले लोगों को ट्रेन में यात्रा करने से रोका था। साथ ही वैक्सीन को 110 प्रतिशत सुरक्षित भी बताया था। इसके चलते उनके बेटे हितेश ने 29 सितंबर 2021 को वैक्सीन का पहला डोज लगवाया था। इसी दिन वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के चलते हितेश की मौत हो गई थी।

इनको बनाया है पार्टी

याचिका में किरण यादव ने महाराष्ट्र सरकार के साथ ही महाराष्ट्र के डीजीपी, मुंबई पुलिस कमिश्नर, सीबीआई और केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव को पार्टी बनाया है। 63 पेज की याचिका में केन्द्र सरकार से वैक्सीन की अनिवार्यता के बारे में सूचना के अधिकार के अधीन ली गई जानकारी भी दी गई है। इसमें केन्द्र सरकार ने बताया है कि वैक्सीन पूरी तरह से किसी भी व्यक्ति की मर्जी पर है। इसमें किसी प्रकार की जोर जबरदस्ती नहीं है।

साथ ही इसमें वैक्सीन के बारे में 71 रिसर्च पेपर्स का हवाला भी दिया गया है। सीथ ही इसमें उन समाचारों को भी शामिल किया गया है जिसमें बताया गया है कि वैक्सीन के दोनों डोज लेने वाले भी कोविड पॉजीटिव हो रहे हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इस याचिका की अब तक विधिवत सुनवाई प्रारंभ नहीं हुई है। इसमें कुछ आपत्तियां लगाई गई थीं जिनका कि याचिकाकर्ता के वकील ने अब तक निराकरण नहीं किया है।

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