नई दिल्ली

कोरोना (corona India) संकट की दूसरी लहर ने सभी हिला दिया है। लोगों के सामने स्वास्थ्य के साथ-साथ आजीविका का संकट भी है। भारी-भरकम मेडिकल बिलों के साथ ही रोजमर्रा की जरुरत पूरा करना चुनौतिपूर्ण होता जा रहा है। इस संकट के बीच पहली बार लोन लेने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया (cibil) के अनुसार, इस साल 10 करोड़ लोग पहली बार बैंक से उधार लेने पहुचेंगे। इनमें अधिकांश संख्या 40 साल से कम आयु को लोगों की होगी। इन्हीं पर घर बार ज्यादा जिम्मेदारी होती है।

26 से 35 साल के लोग ले रहे ज्यादा लोन

सिबिल की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी, 2019 से लेकर जनवरी, 2021 के सबसे अधिक 26 से 35 साल के व्यक्तियोंने लोन के लिए आवदेन दिया था । इसके बाद 25 साल के नीचे उम्र के व्यक्तियों द्वारा आवेदन दिया गया। सबसे कम सिर्फ आठ प्रतिशत आवेदन 55 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों द्वारा दिया गया। वित्तीय जानकारों का कहना है कि कोरोना संकट के कारण सबसे अधिक कर्ज की मांग युवा वर्ग में बढ़ी है। वह अपनी छोटी से छोटी जरूरत कर्ज लेकर पूरा करने में नहीं हिचक रहे हैं।

ये हैं पहली बार आवेदन करने वाले

25 साल से कम 24%
26 से 35 साल 35%
36 से 45 साल 20%
46 से 55 साल 13%
55 साल से अधिक 08%

इसिलए चाहिए लोन

इस रिपोर्ट में कोरोना काल के पहले के आंकड़ें भी शामिल हैं इसके चलते इसमें लोन के ज्यादा आवेदन वाहन के लिए दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार लोन लेने के लिए 46 प्रतिशत आवेदन दोपहिया खरीदने के लिए मिले। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल के लिए 28 प्रतिशत, होम लोन के लिए 25 फीसदी और क्रेडिट कार्ड के लिए 16 फीसदी आवेदन मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नए लोन लेने वाले में शहरी और ग्रामीण दोनों की हिस्सेदारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!