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11 महीने के मासूम को जिंदा रहने के लिए चाहिए 17.50 करोड़ का इंजेक्शन

नोएडा.

एक 11 महीने का मासूम बच्चा बेहद दुर्लभ बीमार से जिंदगी की जंग लड़ रहा है। उसे ऐसी बीमारी हो गई है, जिसमें मांसपेशियां कमजोर पड़ने के साथ ही सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। कण्व नाम के इस बच्चे को गंभीर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी 1 (SMA 1) बीमारी है। इस बच्चे के इलाज के लिए 17.50 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है, जिसके लिए माता-पिता रकम जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

कण्व अपने माता पिता की गोदी में

आयकर विभाग में टैक्स असिस्टेंट की नौकरी करने वाले अमित के लिए यह रकम बहुत बड़ी है। जिगर के टुकड़े की जिंदगी बचाने के लिए कण्व के पिता अमित ने देश के आगे हाथ फैलाए हैं। एक आज आदमी के लिए 17 करोड़ रुपये जितनी पहाड़ जैसी रकम जुटा पाना लगभग नामुमकिन सा है। बच्चे के मां-बाप पैसा कहां से लाएंगे, इसी चिंता में दिन-रात काट रहे हैं। अमित को उम्मीद है कि नोएडा ही नहीं बाकी अन्य शहरों के लोग उसके बेटे के इलाज में मदद के लिए आगे जरूर आएंगे। बच्चे के परिवार की मजबूरी को देखकर सोशल मीडिया पर नेताओं ने भी भावुक अपील शुरू कर दी है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने भी लोगों से मदद की अपील की है।

अमित ने बताया कि उनका परिवार नजफगढ़ में रहता है। कुछ समय पहले बेटे की बीमारी का पता गंगाराम अस्पताल में चला। फिर एम्स में भी जांच कराई, जिसमें बीमारी की पुष्टि हुई। फिलहाल बच्चे की फिजियोथैरेपी कराई जा रही है। वहीं साथी कर्मचारी और अधिकारियों ने बैठक कर अमित के बेटे के इलाज के लिए संभव मदद का भरोसा दिया है।

क्या है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी 1?

यह एक दुर्लभ बीमारी है। इससे पीड़ित होने पर बच्चे की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। शरीर में पानी कम पड़ने लगता है। यहां तक कि सांस लेने में भी समस्या होने लगती है। बच्चे शरीर बच्चे का शरीर पूरी तरह से निष्क्रिय होने लगता है। यह बीमारी बच्चों की रीढ़ की हड्डी में नर्व सेल्स को खराब कर देती है। यह बीमारी बच्चों को ज्यादा प्रभावित करती है। आम आदमी पार्टी ने भी क्राउडफंडिंग के लिए आमजन से अपील की है।

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