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बंगाल के बाद मोदी के बनारस और योगी के गोरखपुर में हारी भाजपा

यूपी पंचायत चुनाव में मथुरा, काशी और अयोध्या में पिछड़ी पार्टी

लखनऊ.

यूपी पंचायत चुनाव के रुझान/नतीजे सत्ताधारी दल बीजेपी के लिए झटके साबित हो रहे हैं। इसकी मतगणना भी बंगाल विधानसभा चुनाव के साथ हुई थी। यहां से भी भाजपा के लिए अच्छी खबरें नहीं हैं। हाल है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस और योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में भाजपा पिछड़ गई है।

हाल ये है कि योगी के प्रभाव वाले पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी ने बढ़त बनाई है। खास बात ये है कि धामिर्क महत्व के तीनों जिले मथुरा, काशी और अयोध्या में भी भाजपा पीछे है। राजनाथ सिंह के संसदीय लखनऊ में पार्टी पिछड़ गई है।

पूर्वांचल,अवध और मध्य यूपी में बीजेपी को सपा से कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। जबकि यहां पर माना जा पर माना जा रहा था कि पार्टी को एकतरफा जीत मिलेगी। वहीं पश्चिम यूपी में भी बीजेपी अपनी वो जमीन खोती नजर आ रही है, जो कि मुजफ्फरनगर कांड के बाद उसे मिली थी।

हालांकि पूरे प्रदेश की कुल गणना में अभी बीजेपी शीर्ष पर है लेकिन उसके महत्वपूर्ण गढ़ों में वो या तो पिछड़ गई है या फिर उसे विपक्ष से कड़ी टक्कर मिल रही है। यही ट्रेंड जारी रहा तो चुनाव के नतीजे पार्टी के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं, ऐसे में सपा और आरएलडी का बेहतरीन प्रदर्शन बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाएगा।

काशी और लखनऊ

वाराणसी जिला पंचायत की ज्यादातर सीटों पर SP जीती, 40 में से 14 सीटों पर कब्जा, अयोध्या में 24 सीटों पर जीत हासिल की है। हाल ये है कि लखनऊ जिला पंचायत की 25 सीटों में से बीजेपी को 3, सपा को 10, बसपा को 4 और अन्य को 8 सीटों पर जीत मिली है। इस आधार पर कहा जा रहा है कि 2022 के चुनाव की राह भाजपा के लिए आसान नहीं होगी।

योगी के पूर्वांचल में सपा का दबदबा

बस्ती की 43 जिला पंचायतों सीटों के नतीजे आ गए हैं। इसमें सपा 20 पर, 9 पर बीजेपी, बीएसपी और कांग्रेस ने 1-1 सीट पर जीत हासिल की। हर जिले की तरह यहां निर्दलीय यहां भी भूमिका में है और 10 सीटों पर जीत दर्ज की। गोरखपुर की 68 में से 5 सीटों के नतीजे आए हैं, इसमें 3 पर सपा और दो पर अन्य जीते हैं। संतकबीर नगर की 30 सीटों में से 11 पर सपा, निर्दलीय ने 10, बीएसपी ने 4 सीटों जबकि बीजेपी मात्र 4 सीटों पर जीत दर्ज की है।

पश्चिम यूपी में अजीत सिंह की वापसी

लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हाशिए पर चले गए चौधरी अजित सिंह की पार्टी आरएलडी ने पंचायत चुनाव में वापसी कर ली है। बागपत में 20 में से 15 सीटों के नतीजे आ गए हैं, इसमें 8 पर आरएलडी और 7 पर बीजेपी जीती है तो मुजफ्फरनगर की 43 में से 18 सीटों के नतीजे आए, 10 पर सपा-आरएलडी, 5 पर बीजेपी, तीन पर बीएसपी को जीत मिली है। मेरठ की 33 में से 16 सीटों के नतीजे घोषित, 8 पर सपा-आरएलडी, 5 पर बीजेपी और 3 पर बीएसपी आगे रही।

सपा ने दी कड़ी टक्कर

कानपुर देहात की 32 सीटों में से 15 पर एसपी, 2 पर बीजेपी, 5 पर बीएसपी, 10 पर अन्य आगे रही। वहीं कन्नौज की 24 सीटों पर रुझान आ गए, 14 सीटों पर सपा, 9 निर्दलीय आगे, 5 पर बीजेपी आगे, लेकिन इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी हैं।  मैनपुरी 28 सीटों पर रुझान, 15 पर सपा, बीजेपी 8 और अन्य 5 आगे है।

बुंदेलखंड में भी बीजेपी और सपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। ललितपुर की 21 जिला पंचायत सीटों में से बीजेपी 6 पर, सपा , बीएसपी 3 और निर्दलीय 7 पर आगे है। झांसी की 24 सीटों में से 10 पर बीजेपी, 7 पर सपा, 3 पर बीएसपी, 1 पर कांग्रेस और अन्य ने 3 पर आगे रही।

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